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Saturday, 26 May 2012

वाह री कांग्रेस तेरा खेल, सस्ती दारू महंगा तेल : ठाकरे



वाह री कांग्रेस तेरा खेल, सस्ती दारू महंगा तेल : ठाकरे

 
Source: dainik bhaskar news   |   Last Updated 03:19(26/05/12)
 


मुंबई. पेट्रोल की कीमतें बढ़ने पर शिवसेना सुप्रीमो बाल ठाकरे ने कहा कि अब तो शराब पेट्रोल से सस्ती हो गई है। ‘समय आ गया है जब लोग यह नारा लगाएं.. वाह री कांग्रेस तेरा खेल, सस्ती दारू महंगा तेल!’ पार्टी के मुखपत्र में छपे संपादकीय में ठाकरे ने कहा कि कांग्रेस और महंगाई एक-दूसरे के पर्याय बन चुके हैं। यह समझ नहीं आता कि फिर भी लोग इन्हें कैसे जिता देते हैं। एक तरफ सरकार ने तीसरी वर्षगांठ मनाई। दूसरी ओर 24 घंटों के अंदर पेट्रोल की कीमतें बढ़ा दीं। आम आदमी को बचाने के बजाय गरीबों को और दबा दिया है। माचिस से लेकर सोने तक के भाव तेजी से बढ़ रहे हैं। गेहूं, चावल, दाल, शकर और खाद्य तेल के दाम पिछले 4-5 साल में दोगुने हो चुके हैं। न केवल गरीब बल्कि मध्यम और उच्च-मध्य वर्ग के लिए भी जीना मुश्किल हो गया है।

6 comments:

  1. http://navbharattimes.indiatimes.com/bickering-is-complicating-the-bjp-congress/articleshow/13495116.cms
    नवभारत टाइम्स
    26 May 2012, 0900 hrs IST
    विशेष संवाददाता ॥ नई दिल्ली

    मंुबई में बीजेपी की कार्यकारिणी की बैठक के पूरे घटनाक्रम पर शुक्रवार को कांग्रेस ने जमकर निशाना साधा। कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा कि फिलहाल बीजेपी अपनी अंदरूनीकलह और आपसी झगड़ों में उलझी हुई है।

    कार्यकारिणी से संजय जोशी के इस्तीफे के बारे में कांग्रेस प्रवक्ता का कहना था कि बीजेपी ऐसी पार्टी है, जिसके एक मुख्यमंत्री एक पूर्व पदाधिकारी की बलि ले लेते हैं, जबकि उसके एक पूर्व सीएम अपनी ही पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व की खुलेआम आलोचना करते हैं। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कहा कि बीजेपी में एक प्रेजिडेंट हैं, एक सुपर प्रेजिडेंट और एक हाइपर प्रेजिडेंट।

    कांग्रेस प्रवक्ता ने इशारों- इशारों में बीजेपी के बड़े नेताओं पर हल्ला बोला। आडवाणी और सु़षमा द्वारा रैली में भाग न लिए जाने पर उनका कहना था कि बीजेपी के बड़े नेता तो बैठक की औपचारिकताओं तक में शामिल होना जरूरी नहीं समझते। मनीष तिवारी ने कहा कि बीजेपी को दूसरों की आलोचना की इतनी आदत पड़ चुकी है कि उसकी बैठक रिजॉल्यूशन में भी आलोचनाएं ही थीं। इसलिए उनके कार्यकारिणी की बैठक का कोई मतलब नहीं रह जाता। कांग्रेस का मानना है कि बीजेपी ठीक तरह से रचनात्मक विपक्ष की भूमिका नहीं निभाती। वह सिर्फ विरोध और आलोचना करने में यकीन रखती है।

    कांग्रेस का कहना था कि पिछले आठ साल में जनता के सामने बीजेपी का यह बिखरा हुआ और आपसी कलह से जूझता हुआ रूप सामने आया है। जनता अब बीजेपी की असलियत समझने लगी है।

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  2. http://navbharattimes.indiatimes.com/articleshow/13510825.cms

    मनमोहन सरकार यानी निर्मल बाबा का दरबार: मोदी
    26 May 2012, 0920 hrs IST,एजेंसियां

    नई दिल्ली।। एनडीए में शामिल सहयोगी दल भले ही नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का दावेदार मानने से हिचक रहे हों, लेकिन शुक्रवार को मुंबई की बीजेपी की रैली में मोदी भावी प्रधानमंत्री की ही तरह गरजे। अपने खास शैली में मोदी ने पीएम मनमोहन सिंह सरकार की धज्जियां उड़ाईं। मोदी ने अपने भाषण में मनमोहन सिंह सरकार की तुलना निर्मल बाबा के दरबार से कर दी।

    बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के अंतिम दिन शुक्रवार को मुंबई के परेल के बाबू गेनू मैदान में रैली का आयोजन किया गया था। मंच पर बीजेपी शासित कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ राजनाथ सिंह, अरुण जेटली, नितिन गडकरी जैसे कद्दावर राष्ट्रीय नेता मौजूद थे, लेकिन रैली में छा गए नरेंद्र मोदी। अपने 30 मिनट के भाषण में मोदी ने सिर्फ 5 मिनट अपनी उपलब्धियां गिनाने पर खर्च किए, बाकी 25 मिनट उन्होंने मनमोहन सरकार की धज्जियां उड़ाईं।

    ब्लॉग: मोदी से पंगा मत ले यार!

    मोदी ने मनमोहन सिंह सरकार को निर्मल बाबा के दरबार की उपाधि देते हुए कहा कि जिस तरह निर्मल बाबा अपने दरबार में 'रसगुल्ले' बांटते हैं, उसी तरह यह सरकार भी जनता को वादों की खैरात बांट रही है। निर्मल बाबा पर मुकदमा चल रहा है। वह भी जनता की अदालत में मनमोहन सरकार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराएंगे। उन्होंने कांग्रेस प्रेजिडेंट सोनिया गांधी के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि वह अपने सिपहसलारों को परफॉर्मेंस देने के पाठ पढ़ा रही हैं। इसका अर्थ है कि सरकार सिर्फ वादे करती है, लेकिन परफॉर्मेंस नहीं देती।

    उन्होंने कहा कि इस सरकार का न कोई एक नेता है, न नीति है और न ही नीयत साफ है। यूपीए-2 के 3 साल के रिपोर्ट कार्ड की बखिया उधेड़ते हुए मोदी ने केंद्र सरकार को रुपये की गिरती कीमत, महंगाई, राष्ट्रीय सुरक्षा, घुसपैठ, नक्सलवाद और आतंकवाद के मुद्दे पर घेरते हुए सवाल किया कि देश कब तक ऐसी सरकार को झेलता रहेगा?

    मोदी ने कहा कि सचाई यह है कि इंदिरा जी से लेकर आज तक कांग्रेस सरकारें सिर्फ वादे ही करती आई हैं।

    गौरतलब है कि रैली में पार्टी के सुषमा स्वराज और लालकृष्ण आडवाणी गैरमौजूद थे। माना जा रहा है कि आडवाणी और सुषमा पार्टी मामलों में संघ की दखलअंदाजी से खफा हैं। हालांकि, पार्टी इन सब बातों को टाल रही है।

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  3. ठाकरे की धमकी- देश भर में लगा देंगे आग, भाजपा पर भी बोला हमला

    Source: dainikbhaskar.com | Last Updated 12:58(25/05/12)


    मुंबई. शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे पेट्रोल की बढ़ी कीमतों पर बहुत नाराज हो गये हैं। उन्‍होंने जनता से अपील की है कि वह कांग्रेस की घूंसों से पिटाई करे।

    शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' में कहा गया है कि जब बाल ठाकरे ने पेट्रोल के दाम बढ़ने की खबर सुनी तो उन्‍होंने कहा ‘अब तो देश की जनता को एकजुट होकर अपने वज्रमूठ से कांग्रेस को धुनने की जरूरत है’। उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस ने अपनी हाल की बैठक में ‘आल इज वेल’ का घंटा बजाया और थोड़ी देर बाद ही पेट्रोल के दाम बढ़ा दिये। अपनी बेबाकी के लिए मशहूर ठाकरे ने कहा कि सभी विपक्षी दलों को मिलकर पूरे देश में दावानल ( जंगल की आग) लगा देनी चाहिये।

    मुखपत्र में भाजपा पर भी निशाना साधा गया है। 'उपेदश एकता का, नजारा फूट के' शीर्षक की खबर मे कहा गया है कि मुंबई में चल रही भाजपा की कार्यकारिणी की बैठक में यही नजारा देखने को मिल रहा है। 'सामना' में गुजरात के मुख्‍यमंत्री नरेंद्र मोदी को खुश करने के लिए वरिष्‍ठ नेता संजय जोशी की विदाई के प्रकरण पर नाराजगी व्‍यक्‍त की गई है।

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  4. कराची के पत्रकार ने कहा- बाल ठाकरे से डरता है पाकिस्‍तान

    Source: dainikbhaskar.com | Last Updated 13:37(26/05/12)

    मुंबई. शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे से पाकिस्‍तान डरता है। पार्टी के मुखपत्र 'सामना' में पाकिस्‍तानी पत्रकारों के हवाले से ऐसा छपा है।

    पाकिस्‍तान के पत्रकार मुंबई दौरे पर आए हुए हैं। कराची प्रेस क्‍लब के अध्‍यक्ष ताहीर हसन ने एक पत्रकार वार्ता में कहा, 'शिवसेना प्रमुख और शिवसेना को लेकर पाकिस्‍तान पर आज भी प्रेशर रहता है।'

    मुखपत्र में भाजपा की स्थिति पर भी टिप्‍पणी की गई है। लिखा गया है कि भाजपा में कभी लालकृष्‍ण आडवाणी की तूती बोलती थी, लेकिन अब उनका समय अस्‍ताचल की ओर है। गुजरात के मुख्‍यमंत्री नरेंद्र मोदी को पार्टी का 'नया रथारूढ़' बताया गया है।

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  5. http://timesofindia.indiatimes.com/india/Congress-compares-Narendra-Modi-to-Hitlers-propaganda-minister-Joseph-Goebbels/articleshow/13530104.cms

    Congress compares Narendra Modi to Hitler's propaganda minister Joseph Goebbels
    PTI | May 26, 2012, 07.12PM IST

    NEW DELHI: Hitting back at Narendra Modi for his criticism of the UPA, Congress on Saturday said the soul of Hitler's propaganda minister Joseph Goebbels seemed to have entered the "frustrated" Gujarat chief minister and accused him of crossing the "Laxmanrekha".

    "Gujarat chief minister is a frustrated man. It seems the soul of Joseph Goebbels, the propaganda minister during the Nazi regime of Hitler in Germany, has gone inside him. He has crossed all limits.

    "The kind of unparliamentary language he has used against the UPA government cannot be imagined from any chief minister," party spokesperson Manish Tewari told reporters here.

    He accused Modi of crossing the "Laxmanrekha" for "cheap popularity" and violating the dignity of politics.

    Addressing the national executive of BJP in Mumbai, Modi had on Friday launched a sharp attack on Prime Minister Manmohan Singh accusing the Centre of inflicting "maximum damage" on the country's federal structure and opining that UPA government should not last "even a moment longer".

    Tewari in particular took strong exception to Modi's remarks on Government-Army chief Gen V K Singh standoff.

    Modi had said, "The Prime Minister and the defence minister are of Congress. Still, the government is pitted against the Army. What compulsion is this?"

    The Congress spokesperson said it was not expected that Modi will take politics to this level and drag even the Army into it.

    "How does he forget, he belongs to a party, whose government had dismissed the Navy chief Admiral Vishnu Bhagwat," Tewari said asking Modi to look into his own courtyard before levelling allegations on others.

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  6. नरेंद्र मोदी का केंद्र सरकार पर हमला
    शनिवार, 26 मई, 2012 को 02:12 IST तक के समाचार
    http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2012/05/120525_modi_speech_rf.shtml

    मुम्बई में एक रैली को संबोधित करते हुए नरेंद्र मोदी ने यूपीए सरकार पर जबरदस्त हमला बोलते हुए कहा है कि इस सरकार को एक क्षण के लिए भी सत्ता में रहने का हक नहीं है.

    ...
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    ...

    उन्होंने सवाल पूछा कि प्रधान मंत्री और रक्षा मंत्री तो एक ही पार्टी से हैं लेकिन सरकार सेना के खिलाफ मोर्चा क्यों खोले हुए है. यह किस तरह की मजबूरी है ?

    रुपए के गिरते मूल्य पर सरकार को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने पूछा कि दूसरे पड़ोसी देशों की मुद्रा क्यों इस तरह से नहीं गिर रही है.

    राष्ट्रीय स्तर पर आने की मंशा

    बिजली की कमी का जिक्र करते हुए उन्होंने सवाल किया कि क्या वजह है कि कांग्रेस प्रशासित प्रदेशों में 16 से 17 घंटों की बिजली की कटौती हो रही है जबकि बीजेपी प्रशासित प्रदेशों में बिजली का कोई संकट नहीं है.

    मोदी के तेवर कुछ इस तरह के थे मानो वह राष्ट्रीय स्तर पर आने की अपनी मंशा को जग जाहिर कर रहे हों. अपने भाषण में जयललिता का जिक्र कर उन्होंने यह संदेश देने की कोशिश की कि नए गठबंधन बनाने से उन्हें कोई गुरेज नहीं होगा.

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