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Wednesday, 29 January 2020

हैदराबाद रियासत

हैदराबाद रियासत



हैदराबाद : निज़ाम की इच्छा के बावजूद यह रियासत पाकिस्तान में क्यों नहीं जा पाई






अहीं हजी लखवानुं  चालु छे.



हैदराबाद रियासत का भारत में विलय हुआ था या एकीकरण?




अहीं हजी लखवानुं  चालु छे.






Saturday, 25 January 2020

क़यामत की सुबह

क़यामत की सुबह



1945 आते आते एक आम जापानी की ज़िंदगी बहुत मुश्किल हो चुकी थी दुकानों में अंडे, दूध, चाय और कॉफ़ी पूरी तरह से ग़ायब हो चुके थे. स्कूलों के मैदानों और घरों के बगीचों में सब्ज़ियाँ उगाई जा रही थीं. पेट्रोल भी आम लोगों की पहुंच से बाहर हो चुका था.
सड़कों पर एक भी निजी कार नहीं दौड़ रही थीं. हिरोशिमा की सड़कों पर हर तरफ़ साइकिलें, पैदल चलते लोग और सैनिक वाहन दिखाई देते थे.
6 अगस्त, 1945 को सुबह 7 बजे जापानी रडारों ने दक्षिण की ओर से आते अमरीकी विमानों को देख लिया. चेतावनी के सायरन बज उठे और पूरे जापान में रेडियो कार्यक्रम रोक दिए गए.
जापान में तब तक पेट्रोल की इतनी कमी हो चुकी थी कि उन विमानों को रोकने के लिए कोई जापानी विमान नहीं भेजा गया. आठ बजते बजते चेतावनी उठा ली गई और रेडियो कार्यक्रम फिर से शुरू हो गए.
8 बज कर 9 मिनट पर अमरीकी वायु सेना के कर्नल पॉल टिबेट्स ने अपने बी- 29 विमान 'एनोला गे' के इंटरकॉम पर घोषणा की, 'अपने गॉगल्स लगा लीजिए और उन्हें अपने माथे पर रखिए.

Wednesday, 22 January 2020

डेमोक्रेसी इंडेक्स - भारत 10 स्थान नीचे खिसका

डेमोक्रेसी इंडेक्स  -   भारत 10 स्थान नीचे खिसका


https://www.bbc.com/hindi/india-51205959








जानी-मानी अंतरराष्ट्रीय पत्रिका इकोनॉमिस्ट के सालाना 'डेमोक्रेसी इंडेक्स' में भारत 10 स्थान नीचे खिसक गया है.
ब्रिटेन का जाना-माना प्रकाशन समूह 'द इकोनॉमिस्ट ग्रुप' अपने रिसर्च विभाग 'द इंटेलिजेंस यूनिट' की मदद से हर वर्ष एक 'डेमोक्रेसी इंडेक्स' जारी करता है.
बुधवार को इस यूनिट ने 165 देशों के बारे में अपनी ताज़ा रिपोर्ट जारी की जिसके अनुसार भारत दस स्थान नीचे खिसक गया है.
भारत को 2019 के लिए सूचकांक में 51वें स्थान पर रखा गया है. इससे पहले के साल में भारत 41वें स्थान पर था.
रिपोर्ट में कहा गया है कि 'डेमोक्रेसी इंडेक्स में दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र, भारत के समग्र स्कोर में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है.

शून्य से 10 के पैमाने पर भारत का स्कोर 2018 में 7.23 से गिरकर 2019 में 6.90 हो गया और इसकी प्राथमिक वजह देश में नागरिक स्वतंत्रता में कटौती करना रहा'.
वर्ष 2019 के स्कोर की तुलना अगर पिछले वर्षों से करें, तो 2006 में रैंकिंग शुरू होने के बाद से यह सबसे कम स्कोर है.
इस रिपोर्ट में भारत की रैंकिंग गिरने और स्कोर घटने की वजह भी बताई गई है.
रिपोर्ट में कहा गया है कि 'भारत प्रशासित कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटाए जाने, असम में एनआरसी पर काम शुरू होने और फिर विवादित नागरिकता क़ानून, सीएए की वजह से नागरिकों में बढ़े असंतोष के कारण भारत के स्कोर में गिरावट दर्ज की गई'.

इस रिपोर्ट में भारत को एक ओर जहाँ 'राजनीतिक सहभागिता' के मामले में अच्छे नंबर मिले हैं, वहीं देश के मौजूदा 'राजनीतिक क्लचर' की वजह से कई नंबर कट भी गए हैं.
'द इंटैलिजेंस यूनिट' का कहना है कि वो सभी देशों के स्कोर का आंकलन वहाँ की चुनाव प्रक्रिया, बहुलतावाद, नागरिक स्वतंत्रता और सरकार के कामकाज के आधार पर करते हैं.
ताज़ा रिपोर्ट में कहा गया है कि 'साल 2019 लोकतंत्र के लिए सबसे ख़राब रहा. वैश्विक गिरावट मुख्य रूप से लैटिन अमरीकी, उप-सहारा अफ़्रीका और पश्चिम एशिया क्षेत्र में देखी गई. अधिकांश एशियाई देशों की रैंकिंग में 2019 में गिरावट देखी गई है'.
नई रिपोर्ट में नॉर्वे टॉप पर बना हुआ है. अमरीका इस रिपोर्ट में 25वें, ऑस्ट्रेलिया 9वें, जपान 24वें, इसराइल 28वें और ब्रिटेन 14वें पायदान पर है.
यदि भारत के पड़ोसी देशों की बात की जाए तो चीन 153वें, पाकिस्तान 108वें, नेपाल 92वें, बांग्लादेश 80वें और श्रीलंका 69वें नंबर पर है.


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Tuesday, 21 January 2020

नरसंहार : सबके सिर उनके धड़ से अलग थे. इन सबका गला रेत दिया गया था.

नरसंहार  :  सबके सिर उनके धड़ से अलग थे. इन सबका गला रेत दिया गया था.

https://www.bbc.com/hindi/india-51226378


पश्चिमी सिंहभूम जिले में रविवार की रात हुई सात आदिवासियों की हत्या के मामले में पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया है. लापरवाही के आरोप में गुदड़ी के थाना प्रभारी निलंबित कर दिए गए हैं.


Friday, 17 January 2020

मोदी सरकार के 36 मंत्रियों

मोदी सरकार के 36 मंत्री जम्मू-कश्मीर क्या करने जा रहे हैं?https://www.bbc.com/hindi/india-51136394






मोदी सरकार के 36 मंत्रियों के दौरे पर क्या कह रहे हैं जम्मू-कश्मीर के लोग

Friday 17th January, 2020. Time : 20:00 ...From BBCHindi.

Friday 17th January, 2020. Time : 20:00 ...From BBCHindi.

https://www.bbc.com/hindi/international-51149690

ईरानी सेना के 'ग़लती से' विमान गिराने पर क्या बोले ख़मेनेई



https://www.bbc.com/hindi/india-51149811

अखिलेश ने कहा 'अब किसी पार्टी से गठबंधन नहीं'



https://www.bbc.com/hindi/india-51145680

करीम लाला को दाऊद इब्राहीम ने क्यों नहीं बनाया निशाना?



https://www.bbc.com/hindi/india-51145551

निर्भया मामले में दोषियों को अब एक फरवरी को फांसी



https://www.bbc.com/hindi/vert-fut-51133573

भविष्य में मशीनें इंसानों की तरह बातें कर सकेंगी?




https://www.bbc.com/hindi/india-51119955

पीएम मोदी के 'बयान' पर IMA ने जताई आपत्ति, कहा- साबित करें या माफ़ी मांगें




किस बात के डर से ट्रंप ईरान पर हमला नहीं कर रहे?: दुनिया जहान



संजय राउत ने इंदिरा पर दिया विवादित बयान, कांग्रेस ख़फ़ा



देविंदर सिंह डीएसपी पद से सस्पेंड, बर्ख़ास्त करने की सिफ़ारिश



देविंदर सिंह को राष्ट्रपति पुरस्कार मिलने की खबरों पर क्या बोली जम्मू-कश्मीर पुलिस?













Wednesday, 8 January 2020

अमरीका के लिए तमाचाः



हमला अमरीका के लिए तमाचाः ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता ख़मेनेई
ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातोल्लाह ख़मेनेई ने अमरीका को 'झूठा, बदमाश और अमानवीय' बताते हुए कहा है कि ईरान का जवाबी हमला अमरीका के 'मुँह पर एक तमाचा' है.
ख़मेनेई ने तेहरान के दक्षिण-पश्चिम में स्थित क़ूम प्रांत में हज़ारों लोगों की मौजूदगी में हुई एक बैठक में कहा कि 'दुनिया पर धौंस झाड़ने वालों को सबक सिखाने में ईरान सक्षम है. हमें लगता है कि अमरीका के ख़िलाफ़ ऐसे हमले नाकाफ़ी हैं. ज़्यादा महत्वपूर्ण ये है कि इस क्षेत्र से अमरीका की मौजूदगी का अंत हो.'







Thursday 09.01.2020...   BBC Hindi...
कमांडर जनरल क़ासिम सुलेमानी की हत्या का
https://www.bbc.com/hindi/international-51043836















Sunday, 5 January 2020

2010-19: तकनीक ने कैसे बदली इंसान की ज़िंदगी

2010-19: तकनीक ने कैसे बदली इंसान की ज़िंदगी






तकनीकी विशेषज्ञ नालामोटू श्रीधर का मानना है, ''2001 में जो इंटरनेट यूजर्स 70 लाख थे वो 2010 में बढ़कर 9 करोड़ हो गए. अकेले 2016 में ही भारत में इंटरनेट यूजर्स की संख्या बढ़कर 46 करोड़ हो गई. वहीं, 2019 में 63 करोड़ लोग इंटरेट का इस्तेमाल कर रहे थे. देश के ग्रामीण इलाकों में भी इंटरनेट का इस्तेमाल तेज़ी से बढ़ रहा है.''



इस दशक में ड्रोन को लेकर महत्वपूर्ण प्रगति हुई है. ड्रोन कैमरे से आसमान से ज़मीन के विजुअल लेने में आसानी होती है.
एयर टैक्सी जैसे विकल्प इसके चलते ही संभव हुए हैं जिससे लोगों को ट्रैफ़िक जाम में फंसने से निजात मिल सकती है.
उबर कंपनी ने घोषणा की थी कि वो लॉस एंजेलिस, डलास और मेलबर्न में एयर टैक्सी शुरू करने वाली है. उसने ड्रोन टैक्सी को लेकर एक बयान जारी किया था.


गूगल, माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित ऑपरेटिंग सिस्टम के लिए काम कर रही हैं.
एआई की मदद से हमारी ज़िंदगी में रोबोटिक्स का इस्तेमाल दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है. इसका इस्तेमाल खिलौनों में भी किया जा रहा है.
रेलवे की टिकट बुकिंग, फिटनेस गजेट में भी इनका इस्तेमाल हो रहा है. विशेषज्ञों का कहना है कि ये स्टॉक मार्केट और बिजनस मैनेजमेंट में भी इस्तेमाल हो सकता है.

जनवरी 2018 तक भारत में एक व्यक्ति द्वारा सोशल मीडिया पर बिताया जाने वाला औसत समय दो घंटा 26 मिनट था.
सोशल मीडिया इस्तेमाल के मामले में तीन घंटे 57 मिनट के साथ फिलीपिन्स सबसे ऊपर है. जापान में ये औसत समय 48 मिनट है.
ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम, हैलो और शेयर चैट भी हमारी रोजमर्रा की ज़िंदगी में घुलमिल गए हैं. टिकटॉक मोबाइल यूजर्स के लिए एक अलग ही अनुभव लेकर आया है.
लोगों को कनेक्ट करने के लिए बनाए गए ये एप्स देशों के राजनीतिक एजेंडे को भी प्रभावित करने लगे हैं.






Saturday, 4 January 2020

ईरान और अमरीका



ईरान और अमरीका एक-दूसरे के दुश्मन क्यों?



https://www.bbc.com/hindi/international-50982173


अमरीका के साथ ईरान की दुश्मनी का पहला बीज पड़ा 1953 में जब अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए ने ब्रिटेन के साथ मिलकर ईरान में तख़्तापलट करवा दिया. निर्वाचित प्रधानमंत्री मोहम्मद मोसद्दिक़ को गद्दी से हटाकर अमरीका ने सत्ता ईरान के शाह रज़ा पहलवी के हाथ में सौंप दी.


तख़्तापलट अमरीका की विदेश नीति का हिस्सा

आख़िरकर 16 जनवरी 1979 को ईरानी शाह मोहम्मद रज़ा पहलवी को देश छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा.


क्रांति के परिणामों के तत्काल बाद ईरान और अमरीका के राजनयिक संबंध ख़त्म हो गए.
तेहरान में ईरानी छात्रों के एक समूह ने अमरीकी दूतावास को अपने क़ब्ज़े में ले लिया था और 52 अमरीकी नागरिकों को 444 दिनों तक बंधक बनाकर रखा था.

1980 में सद्दाम हुसैन ने ईरान पर हमला बोल दिया. ईरान और इराक़ के बीच आठ सालों तक ख़ूनी युद्ध चला.
इस युद्ध में अमरीका सद्दाम हुसैन के साथ था. सोवियत संघ ने भी सद्दाम हुसैन की मदद की थी.
यह युद्ध एक समझौते के साथ ख़त्म हुआ. युद्ध में कम से कम पांच लाख ईरानी और इराक़ी मारे गए थे.