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Thursday, 24 July 2014

यह कोई प्राकृतिक आपदा नहीं है. यह इंसान की बनाई आपदा है जिसकी ज़द में बूढ़े, बच्चे, महिलाएं और नौजवान हैं. ऐसा पहली बार नहीं हुआ है, 2012 में भी ग़ज़ा में ऐसे मंज़र दिखे थे.

फ़लस्तीनियों के ख़िलाफ़ इसराइल के सैन्य अभियान के कारण ग़ज़ा में भारी तबाही का मंज़र है. ग़ज़ा से आने वाली तस्वीरों को देखकर कोई भी विचलित हुए बिना नहीं रह सकता. आजकल समाचार चैनलों पर तबाही की ये तस्वीरें आम हैं.

http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2014/07/140724_hamas_gaza_blockade_ra.shtml

http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2014/07/140723_gaza_coverage_zubair_rd.shtml

http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2014/07/140723_gaza_child_death_ra.s


Friday, 18 July 2014

मुंबई में मॉनसून की बहार रविवार, 13 जुलाई, 2014 को 13:01 IST तक के समाचार

मुंबई में मॉनसून की बहार   रविवार, 13 जुलाई, 2014 को 13:01 IST तक के समाचार






Wednesday, 16 July 2014

मजदूरों के हाथ काटने की घटना पर SC की तल्ख टिप्पणी

मजदूरों के हाथ काटने की घटना पर SC की तल्ख टिप्पणी


नई दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को आंध्र प्रदेश में छह महीने पहले दो मजदूरों के हाथ काटने की खौफनाक घटना पर सुनवाई करते हुए बेहद तल्ख टिप्पणी की। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह घटना सोचने पर मजबूर करती है कि हम किस तरह के देश में हम रहते हैं। ऐसी घटना किसी आदिम देश में भी नहीं होती है।

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर आंध्र प्रदेश सरकार से भी जवाब तलब किया है। कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा है कि वह इस जघन्य घटना पर क्या कार्रवाई कर रही है। पिछले साल दिसंबर में आंध्र प्रदेश में ठेकेदार ने ईंट-भट्टे पर काम करने वाले ओडिशा के दो प्रवासी मजदूरों दियालु और नीलांबर मांझी के दाहिने हाथ काट दिए थे। सुप्रीम कोर्ट ने मीडिया में छपी खबरों का संज्ञान लेते हुए इस खौफनाक घटना का स्वत: संज्ञान लिया था।

तत्कालीन चीफ जस्टिस पी. सदाशिवम और जस्टिस रंजन गोगोई की बेंच ने इस साल जनवरी में मामले की सुनवाई करते हुए ओडिशा और आंध्र प्रदेश के मुख्य सचिवों को नोटिस जारी किए थे। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में इस मामले पर फिर सुनवाई हुई, जिसमें कोर्ट ने यह तल्ख टिप्पणी की।

इस दर्दनाक घटना से चिंतित सुप्रीम कोर्ट ने देश में ऐसे लोगों का शोषण और उन पर अत्याचार रोकने के लिए एक नीति तैयार करने पर जोर दिया। जस्टिस तीरथ सिंह ठाकुर की अध्यक्षता वाली बेंच ने आंध्र प्रदेश और ओडिशा को विस्तृत निर्देश देने से पहले दो मजबूरों की हथेलियां काटे जाने पर नाराजगी व्यक्त की।

जजों ने ओडिशा और आंध्र प्रदेश सरकार को इस तरह की घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रभावी कदमों की जानकारी देने का निर्देश देते हुए कहा, 'यह दिखावटी नहीं होना चाहिए। आपको हमें बताना होगा कि प्रवासी मजदूरों के मामलों में कानून के तहत कितने मामले दर्ज किए गए।'

कोर्ट को बताया गया कि पश्चिमी ओडिशा के छह जिलों कोरापुट, बोलंगीर, कालाहांडी, बारागढ़, नौपार्दा और मल्कानगिरि के गरीबी से जूझ रहे लोग इस तरह के शोषण के शिकार हो रहे हैं। इनमें से अधिकांश पड़ोसी राज्यों आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में ईंट भट्टों पर काम करते हैं। 

उन्होंने पूछा, पैर काटें या हाथ?
दियालु ने बताया, 'उन्होंने हमसे पूछा कि तुम्हारा हाथ काटा जाया या पैर। हम उनके सामने गिड़गिड़ाते रहे। मैंने कहा कि हम उधार चुकाने के लिए 10 साल तक काम करने के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्होंने नहीं सुना। पहले उन्होंने मेरे सामने नीलांबर मांझी का हाथ काटा और फिर मेरा।' वहीं नीलांबर मांझी ने बताया, 'मैंने उनसे कहा कि हम बहुत गरीब हैं। उनका पैसा तुरंत नहीं चुका सकते। लेकिन वह पैर या हाथ में से एक को छांटने के लिए कहते रहे। मैंने उन्हें कहा कि मेरा पैर बख्श दो और हाथ काट लो। हमारा हाथ काटने के बाद उन्होंने हमारे खून का अपने सिर पर टीका लगाया और वैन में बैठकर शराब पीने लगे।'

क्या था पूरा मामला
मजदूरों के हाथ काटने की यह घटना ओडिशा के कालाहांडी जिले के बेलपाड़ा गांव में एक जंगल के पास हुई। दोनों मजदूरों को उन्हें दी गई अडवांस रकम की उगाही के लिए वापस उनके घर ले जाया जा रहा था। यह रकम उन्हें काम पर लिए जाने के दौरान दी गई थी। इन मजदूरों ने छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले में एक ईंट-भट्ठे पर काम करने से इनकार कर दिया था और इसलिए उन्हें वापस ले जाया जा रहा था।

वापसी के दौरान रास्ते में ठेकेदार और उसके साथियों ने शराब पी तथा दोनों मजदूरों के दाहिने हाथ काट दिए। ये दोनों मजदूर मजदूरों के उस समूह का हिस्सा थे, जिन्हें ठेकेदार ने आंध्र प्रदेश में ईंट भट्ठे में काम करने के लिए 14-14 हजार रुपये पर रखा था। लेकिन ठेकेदार ने उन सभी को जबरन छत्तीसगढ़ के रायपुर में एक ईंट भट्ठे पर काम के लिए ले जाने का प्रयास किया, जिससे मजदूरों ने इनकार कर दिया। इनमें से दस निकल भागने में सफल रहे।


Monday, 14 July 2014

रमजान के पवित्र महीने में पश्चिम एशिया का फलस्तीनी गाजा पट्टी इलाका मातम के दौर से गुजर रहा है।



गाजा में 5 दिन में 125 मारे गए
रमजान के पवित्र महीने में पश्चिम एशिया का फलस्तीनी गाजा पट्टी इलाका मातम के दौर से गुजर रहा है। भारत सहित विश्व समुदाय ने इन हालात पर गहरी चिंता जाहिर की है और कहा है कि फलस्तीन और इस्राइल को संयम बरतना होगा। इसके साथ ही भारत ने किसी का नाम लिए बिना कहा है कि इस्राइली इलाके में सीमा पार से किए जा रहे रॉकेट हमलों से भारत काफी चिंतित है। इस्राइली हमले में शनिवार को 16 फलस्तीनी मारे गए और अब तक पिछले कुछ दिनों की लड़ाई में 125 फलस्तीनी मारे जा चुके हैं। 
यहां इस्राइली राजनयिक सूत्रों ने कहा है कि इस्राइली हवाई हमले उसी वक्त बंद हो जाएंगे जब फलस्तीनी हमास गुट के आतंकवादी लम्बी दूरी के रॉकेटों से हमले बंद कर दें। हमास को ईरान द्वारा 150 किलोमीटर दूर तक मार करने वाले रॉकेटों की सप्लाई की जा रही है। ऐसे करीब 200 से अधिक रॉकेट पिछले कुछ दिनों में इस्राइल के भिन्न शहरों पर छोड़े गए हैं जिससे पूरा इस्राइल दहला हुआ है और वहां की अधिकतर आबादी शेल्टरों में रहने को मजबूर है। हालांकि इस्राइली सेना इन रॉकेटों का मुकाबला आयरन डोम एंटी मिसाइल प्रणाली से कर रही है जो शहरी आबादी पर छतरी की तरह काम कर रही है। आयरन डोम मिसाइलों ने जिसे भारत को भी सप्लाई करने का प्रस्ताव है, अपने शहरी इलाकों में गिरने वाले 90 फीसदी से ज्याजा हमास रॉकेटों को हवा में ही नष्ट कर दिया है जिससे इस्राइली सेना अपने किसी भी नागरिक को मौत के मुंह में जाने से रोक सकी है लेकिन इस्राइली लोग फिर भी आतंक के माहौल में जी रहे हैं।
खाड़ी के इलाके में सीरिया और इराक के मुस्लिम समुदायों के बीच छिड़ी जंग के साथ ही इस्राइल और फलस्तीन के एक गुट हमास के बीच अब जंग छिड़ने से भारतीयों के लिए हालात और बदतर होंगे। इसका असर पहले से ही बढ़े पेट्रोल मूल्यों में आग लगने जैसा होगा जब कि इस इलाके में रहने वाले 38 लाख भारतीय कामगारों की रोजी रोटी और इनसे भारत को होने वाले 60 अरब डालर की आय पर भी प्रतिकूल असर होगा।
देर शुक्रवार को आए इस्राइली सेना के बयान में कहा गया कि आतंकियों ने पांच दिनों में लगभग 520 मोर्टार और रॉकेट इस्राइल पर दागे हैं। अन्य 140 रॉकेट आयरन डोम मिसाइल डिफेंस सिस्टम की मदद से रोक दिए गए थे। नवंबर 2012 के बाद से यह सबसे घातक हमला है, जिसमें येरुशलम, तेलअवीव और सुदूर उत्तर में स्थित हाइफा पर भी रॉकेट हमलों की संख्या बढ़ी है।
किसी इस्राइली की मौत की सूचना नहीं 
गुरुवार को हुए मोर्टार हमले में एक इस्राइली सैनिक घायल हुआ था और एक अन्य व्यक्ति उस समय गंभीररूप से घायल हो गया था जब शुक्रवार को दक्षिणी तटीय शहर अशदोद में एक पेट्रोल स्टेशन पर रॉकेट हमलाहुआ। फलस्तीनियों की ओर से टैंक - रोधी मिसाइल दागे जाने के बाद दो सैनिक गाजा से लगी सीमा पर घायलहुए थे।
नेतन्याहू की ललकार
येरुशलम : अंतरराष्ट्रीय दबावों के आगे न झुकने का संकल्प लेते हुए इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिननेतन्याहू ने कहा है कि इस्राइल हमास के शासन वाली गाजा पट्टी से उसकी जमीन पर होने वाले रॉकेट हमलोंको रोकने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा देगा। नेतन्याहू ने मीडिया से कहा , ' कोई भी अंतरराष्ट्रीय दबाव हमेंहमारी पूरी ताकत का इस्तेमाल करने से नहीं रोक सकता। ' नेतन्याहू ने सब्बाथ पूर्व ( इबादत के दिन से पहले )कहा , ' इस्राइली जनता जानती है कि मेरा पहला ध्यान शांति की बहाली पर है। मैं इस लक्ष्य को हासिल करनेके लिए जरूरी हर चीज करूंगा। ' इसी बीच इस्राइल रक्षा बलों के चीफ ऑफ स्टाफ बेनी गांट्ज ने कहा है किसेना जमीनी हमले के लिए तैयार है और वह बस राजनैतिक नेतृत्व से निर्देशों का इंतजार कर रही है। गांट्ज नेकहा , ' गाजा धीरे - धीरे बर्बादी के सागर में डूब रहा है। '
कहां कहां हुए हमले
गाजा शहर : स्थानीय स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता अशरफ अल - कुद्रा ने कहा कि उत्तरी गाजा के बेइतलहिया में विकलांगों के कल्याणार्थ संघ पर हमले हुए। पश्चिमी गाजा शहर पर कई हमले हुए। वहीं उत्तरीगाजा पट्टी में जेबालिया पर भी इस्राइल ने बम बरसाए , जबकि दक्षिण के दीर अल बलाह में भी लोग मारे गएहैं। स्थानीय अधिकारियों ने कहा कि सुबह हुए हमले तटीय इलाके की मस्जिदों , हमास अधिकारियों के घरों परकिए गए। 

Tuesday, 8 July 2014

जम्मू कश्मीर में दो झंडों की व्यवस्था खत्म होः बीजेपी

जम्मू कश्मीर में दो झंडों की व्यवस्था खत्म होः बीजेपी


बीजेपी ने जम्मू कश्मीर में दो झंडों की व्यवस्था खत्म करने की मांग की है। राज्यसभा सदस्य तरुण विजय ने सदन में यह मांग उठाई। 

बीजेपी के राज्यसभा सदस्य तरुण विजय ने कहा कि देश की एकता और अखंडता बनाए रखने के लिए एक ही झंडे की व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने कहा, 'मैं मांग करता हूं सरकार जम्मू-कश्मीर में दो झंडों की व्यस्था को खत्म करे। वहां एक ही झंडा इस्तेमाल होना चाहिए।' 

विजय ने श्रीनगर में श्यामा प्रसाद मुखर्जी मेमॉरियल बनाने की भी मांग की। 

जम्मू कश्मीर भारत का एकमात्र ऐसा राज्य है जिसका अपना झंडा है। राज्य को अलग संविधान और झंडा रखने की इजाजत है। वहां का झंडा लाल रंग का है, जिस पर सफेद रंग से हल बना है। साथ ही तीन पट्टियां हैं। जम्मू, कश्मीर और लद्दाख तीनों हिस्सों के लिए एक पट्टी रखी गई है।

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