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Sunday, 23 February 2020

नवाब, जिन्हें मौत में भी किसी ने याद नहीं किया!

नवाब, जिन्हें मौत में भी किसी ने याद नहीं किया!







रामपुर में नवाब





अवध के प्रिंस की दिल्ली के जंगल में गुमनाम मौत





कौन थे असली 'ठग्स ऑफ़ हिंदुस्तान' जिनसे अंग्रेज़ भी डरते थे






कौन था अमरीका से लेकर फ्रांस की सरकारों को हिलाने वाला ठग




पाकिस्तान के इतिहास की सबसे अंधेरी रात





कितने अंधविश्वासी थे मुग़ल बादशाह औरंगज़ेब आलमगीर?












Wednesday, 19 February 2020

राकेश मारिया: मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नरकीतब अजमल कसाब..



मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर ने अजमल कसाब के बारे में क्या दावे किये हैं








उसका नाम समीर दिनेश चौधरी बताया जाता. उसके पास से हैदराबाद के अरुणोदय डिग्री कॉलेज की आईडी मिलती है .
उसके घर का पता 254, टीचर्स कॉलोनी, नगरभावी, बेंगलुरु बताया जाता. और यह सब कुछ फ़र्ज़ी होता.
क्योंकि उस रात राकेश मारिया के सामने अजमल आमिर कसाब बैठा था. 26 नवंबर 2008 को मुंबई पर हमला करने वाले 10 हमलावरों में से एक.






मक़बूल बट्ट को फांसी






तिहाड़ में मक़बूल बट्ट के साथ एक राजनीतिक क़ैदी जैसा बर्ताव किया जाता था. उनको पढ़ने लिखने का बहुत शौक था.
उनके साथ काम कर चुके हाशिम कुरैशी बताते हैं, "वो कम से कम 5 फ़ुट 10 इंच लंबे थे. वो बहुत नर्म मिजाज़ थे. जब भी वो बोलते थे तो ऐसा लगता था कि दुनिया की तमाम लाइब्रेरियों का इल्म उसने अपने अंदर समाया हुआ था."
"जब वो राष्ट्रवाद, आज़ादी या किसी समस्या पर बोलते थे, ग़रीबी और बीमारी के ख़िलाफ़, शिक्षा और औरतों के हक़ में, ऐसा लगता था कि दुनिया के तमाम इनक़लाबियों की रूह उनके अंदर बस गई है."




लेकिन मक़बूल ने अपनी वसीयत को लिखने के बजाए रिकॉर्ड करवाया. 11 फ़रवरी, 1984 की सुबह उन्होंने आख़िरी बार नमाज़ पढ़ी, चाय पी और फाँसी के फंदे की तरफ़ बढ़ गए.

"ये तिहाड़ जेल के इतिहास में पहली बार हुआ कि जहाँ उनको फाँसी दी गई थी, उसी के बगल में कब्र खुदवा कर उन्हें दफ़नाया गया."



आख़िर अफ़ज़ल ने लिखा क्या


बीबीसी विशेष: अफ़ज़ल गुरु को फांसी




अफ़ज़ल गुरु की वकील रही नंदिता हक्सर ने कहा है कि सरकार ने फांसी दिए जाने के फैसले की जानकारी अफ़ज़ल गुरु के परिवार को नहीं दी थी जबकि गृह मंत्रालय का कहना है कि फांसी से पहले स्पीड पोस्ट के ज़रिए ये जानकारी अफ़ज़ल गुरु के परिवार वालों को दे दी गई थी.










Monday, 17 February 2020

સાચું ખોટું રામ જાણે

સાચું ખોટું રામ જાણે











The Kashmir journalist forced into manual labour





Will Vodafone hang up on its business in India?







Indian college forces students to strip to underwear






यूएन प्रमुख के प्रस्ताव






ईरान अमरीका के सामने







चीता पालने और उन्हें शिकार सिखाने वाले 'चित्तेवान'





unhappy marriag









Friday, 14 February 2020

पुलवामा हमले के एक साल

पुलवामा हमले के एक साल




भारत ने हमले का आरोप पाकिस्तान पर लगाया था और दोनों देशों के संबंधों में ख़ासा तनाव आ गया था. लेकिन हमले के बाद सुरक्षा विशेषज्ञों ने कई सवाल उठाए थे जिनके जवाब मिलने बाक़ी हैं?





सीआरपीएफ़ के क़ाफ़िले पर हमले की जाँच कहां तक




एनआईए ने अपने बयान में कहा, "जैश-ए-मोहम्मद के प्रवक्ता मोहम्मद हसन ने हमले के फ़ौरन बाद इसकी ज़िम्मेदारी लेते हुए कई मीडिया समूहों को अपना बयान भेजा था. जैश के प्रवक्ता ने अपना बयान भेजने के लिए जिस आईपी एड्रेस का इस्तेमाल किया था उसको ट्रेस किया गया जो पाकिस्तान में था."



राहुल गांधी ने पूछे तीन सवाल



महाराष्ट्र: हिंगनाघाट में ज़िंदा जलाई गई युवती, घटना को लेकर आक्रोश



भुज में कॉलेज छात्राओं से अंडरवियर उतरवाने का आरोप





'Period-shaming' Indian college forces students to strip to underwear









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Wednesday, 12 February 2020

दिल्ली चुनाव: '

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020







दिल्ली विधानसभा चुनाव: मोदी की राजनीति से कितनी अलग है केजरीवाल की राजनीति?




बीजेपी के लिए दिल्ली अभी दूर


दिल्ली चुनाव: 'हर बार वोट देते हैं लेकिन सरकार को हम दिखाई ही नहीं देते'








दृष्टिहीन पंकज ने कैसे कमाया वकालत की दुनिया में अपना नाम




जेएनयू: ग़रीब छात्रों के बड़े सपनों का किफ़ायती टिकट





बीजेपी के कुछ नेताओं ने तो यहां तक कहां कि दिल्ली के चुनाव नतीजे भारत और पाकिस्तान के बीच जीत-हार तय करने वाले होंगे.
https://www.bbc.com/hindi/international-51472079

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Tuesday, 11 February 2020

बड़ी ख़बरें....अयोध्या फ़ैसला....सबरीमाला मंदिर मामला: सुप्रीम कोर्ट में नौ सदस्यों की बेंच का गठन

बड़ी ख़बरें....अयोध्या फ़ैसला....सबरीमाला मंदिर मामला: सुप्रीम कोर्ट में नौ सदस्यों की बेंच का गठन



From  BBC Hindi and English







रंजन गोगोईः भारतीय राजनीति के अयोध्या कांड का 'द एंड' लिखने वाले चीफ़ जस्टिस






अयोध्या केस में सभी पुनर्विचार याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट ने कीं ख़ारिज: कैसे, क्या हुआ?







अयोध्या फ़ैसला, कश्मीर की चुनौती और महाराष्ट्र का सियासी ड्रामा: 2019 में भारतीय न्यायपालिका





महाराष्ट्र: राज्यपाल से मिलेगी शिव सेना-एनसीपी-कांग्रेस, लेकिन वजह... : पांच बड़ी ख़बरें





सबरीमाला मंदिर मामला: सुप्रीम कोर्ट में नौ सदस्यों की बेंच का गठन




डोनल्ड ट्रंप 24 फ़रवरी को भारत आएंगे - पाँच बड़ी ख़बरें





कोरोना वायरसः एक दिन में 97 की मौत, मरने वालों की संख्या 900 के पार





बीजेपी ने राज्यसभा सांसदों को जारी किया थ्री लाइन व्हिप, क्या है इरादा?


कृष्ण मेनन से परमाणु वैज्ञानिक होमी भाभा इतना चिढ़े क्यों रहते थे?






सरदार पटेल: राजाओं को ख़त्म किए बिना रजवाड़ों को मिटाने वाले




पाकिस्तान में कंजूसी से दौलतमंद 


मरहूम मेमन उद्योगपति और समाजसेवी अहमद दाऊद की पोती अनिला पारेख कहती हैं, "मेरे दादा नंगे पैर पाकिस्तान पहुंचे थे. उन्होंने पहले मज़दूरी की. फिर धीरे-धीरे अपना साम्राज्य बनाया और फैलाया. बचपन से ही हमें मेहनत की कमाई की अहमियत समझाई गई."



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Monday, 10 February 2020

સાચું ખોટું રામ જાણે.....

સાચું  ખોટું  રામ જાણે.....


Saturday, 8 February 2020

वह दिवालिया

from  BBC  Hindi  and Times of India....


एक समय दुनिया के छठे सबसे अमीर शख़्स रहे अनिल अंबानी ने ब्रिटेन की एक अदालत से कहा है कि उनकी 'शुद्ध संपत्ति यानी नेट वर्थ शून्य है' और वह 'दिवालिया' हैं.
टाइम्स ऑफ़ इंडिया की ख़बर अनुसार, तीन चीनी बैंक 700 मिलियन डॉलर यानी 5 हज़ार करोड़ रुपए से भी अधिक रक़म की वसूली के लिए अनिल अंबानी की कंपनी को ब्रितानी हाई कोर्ट में ले गए हैं. इस रकम में कर्ज़ पर लगा ब्याज़ भी शामिल है.


इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल बैंक ऑफ़ चाइना लिमिटेड (आईसीबीसी), चाइना डिवेलपमेंट बैंक और एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट बैंक ऑफ़ चाइना ने रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) को कर्ज़ दिया था जो उन्हें वापस नहीं मिला. यह कंपनी इन दिनों दिवालिया घोषित किए जाने की प्रक्रिया में है.
बैंकों ने कोर्ट से अपील की कि वे अंबानी को लगभग 4,690 करोड़ की रकम कोर्ट में जमा करवाने का आदेश जारी करे. मगर जज ने तय किया अंबानी को अदालत में 100 मिलियन डॉलर यानी क़रीब 715 करोड़ रुपये जमा करवाने होंगे.


शुक्रवार को हुई कार्यवाही के दौरान अंबानी के बेटे अनमोल कोर्ट में उपस्थित रहे. चीनी बैंकों का दावा है कि इस कर्ज़ के लिए अंबानी ने निजी तौर पर गारंटी दी थी मगर इस दावे को अंबानी ग़लत बताते हैं.

https://www.bbc.com/hindi/india-51422900

Thursday, 6 February 2020

આજ ગુરુવાર છઠ્ઠી ફેબ્રુઆરી ૨૦૨૦ છે.


આજ ગુરુવાર છઠ્ઠી ફેબ્રુઆરી ૨૦૨૦ છે. પાંચમી ઓગસ્ટ ૨૦૧૯થી કાશ્મીર માં કર્ફ્યુ અને નીશાળ કે શાળાઓ બંધ થઈ અને છ મહીના પછી પણ નેટ ઉપર ચકરડું ગોળ ગોળ ફરે છે. નેટ કનેકશન થતું નથી. નીશાળ ખુલ્લી હશે તો બાળકો નીશાળે જતા નથી... રાજકરણની પોસ્ટ મુકનાર માટે આ પોસ્ટ મુકેલ છે.


जम्मू कश्मीर: राजनीतिक बर्फ़





देविंदर सिंह: अफ़ज़ल गुरु और चरमपंथियों से क्या था कनेक्शन?




देविंदर सिंह ने गिरफ़्तारी से पहले डीआईजी से कहा- 'सर ये गेम है. आप गेम ख़राब मत करो'



देविंदर सिंह को राष्ट्रपति पुरस्कार मिलने की खबरों पर क्या बोली जम्मू-कश्मीर पुलिस? #SOCIAL











Wednesday, 5 February 2020

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र





संसद में की राम मंदिर ट्रस्ट की घोषणा

05.02.2019



के. परासरन 'श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र' ट्रस्ट का पहला ट्रस्टी
https://www.bbc.com/hindi/india-50359244




श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्यों





अयोध्या में मंदिर के लिए श्रीराम जन्मभूमि न्यास 



अयोध्या मामला: प्रवीण तोगड़िया ने कहा

https://www.bbc.com/hindi/india-50366674










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डर से झूठ बोलना

डर से झूठ बोलना


झूठ का कारण कहीं आप ही




टिड्डी दल के आगे बेबस किसान












umans are obsessed with speed. Recent months, for instance, brought news that students in Germany have broken the record for the fastest accelerating electric car, and that the US Air Force plans to develophypersonic jets that would travel at more than five times the speed of sound – that’s speeds in excess of 3,790mph (6,100km/h).
Those jets would carry no crew – but not because humans can’t travel at such high speeds. In fact, humans have already travelled many times faster than Mach 5. Is there some limit, however, beyond which hurtling bodies can no longer bear the strain of speed?






Tuesday, 28 January 2020

नांबी नारायणन: जासूसी स्कैंडल जिसने एक वैज्ञानिक का करियर तबाह कर दिया

नांबी नारायणन: जासूसी स्कैंडल जिसने एक वैज्ञानिक का करियर तबाह कर दिया



कल्पना कीजिए कि एक नाटकीय लम्हे में आपकी पूरी ज़िंदगी बदल जाए. 25 साल पहले ऐसा ही कुछ भारत के एक वरिष्ठ वैज्ञानिक के साथ हुआ, जब पुलिस अधिकारियों ने उनका दरवाज़ा खटखटाया.
वो सर्दियों की दोपहर थी. केरल की राजधानी त्रिवेंद्रम की संकरी गली में बसे एक घर पर तीन पुलिस अधिकारी पहुंचे. नांबी नारायणन याद करते हैं कि कि तीनों पुलिस अधिकारी उनके साथ विनम्रता और सम्मान से पेश आ रहे थे.
पुलिस अधिकारियों ने अंतरिक्ष वैज्ञानिक नारायणन को बताया कि उनके बॉस (डीआईजी) उनसे बात करना चाहते हैं



https://www.bbc.com/hindi/india-51279846

16 दिसंबर 2012 को दिल्ली में हुए निर्भया गैंगरेप मामले में मुकेश सिंह, विनय शर्मा, अक्षय कुमार सिंह और पवन गुप्ता को दोषी ठहराया गया था. इन चारों को एक फरवरी को फाँसी दी जानी है.


क्या था पूरा मामला?

16 दिसंबर 2012 की रात राजधानी दिल्ली में 23 साल की एक मेडिकल छात्रा के साथ छह पुरुषों ने एक चलती बस में गैंगरेप किया था.
चार दोषियों के अलावा एक प्रमुख अभियुक्त राम सिंह ने ट्रायल के दौरान ही तिहाड़ जेल में आत्महत्या कर ली थी.
एक अन्य अपराधी, जो घटना के वक़्त नाबालिग़ साबित हुआ था, उसे सुधारगृह भेजा गया था.
साल 2015 में उसे सुधारगृह से रिहा कर दिया गया था. इस अपराधी का नाम ज़ाहिर नहीं किया जा सकता. इसे अगस्त 2013 में तीन साल सुधारगृह में बिताने की सज़ा सुनाई गई थी.




https://www.bbc.com/hindi/vert-earth-51210900
मक्खियां, मच्छर और तमाम दूसरे कीड़े-मकोड़े जब हमारे घरों, खाने के ऊपर मंडराते हुए दिखते हैं तो बेशक हमें ग़ुस्सा आता है. कभी-कभी हम उन्हें मारने के तमाम इंतज़ाम भी करते हैं.
लेकिन आगे से जब भी आप ऐसा करने वाले हों तो आपको ऐसा करने से पहले दो बार सोचना चाहिए, क्योंकि कीड़ों की आबादी दुनिया भर में तेज़ी से कम हो रही है. कीड़े हमारे वातावरण के संरक्षण और खाद्य पदार्थों के उत्पादन में भी अहम भूमिका निभाते हैं.
लंदन के नैचुरल हिस्ट्री म्यूज़ियम की सीनियर क्यूरेटर डॉ. एरिका मेकलिस्टर कहती हैं, "अगर हम दुनिया से सारे कीड़ों को ख़त्म कर दें तो हम भी ख़त्म हो जाएंगे."
अगर आप ये पूछें कि कीड़ों का काम क्या है तो सबसे अहम काम ये है कि कीड़े जैविक संरचनाओं को तोड़कर उनके अपघटन यानी ख़त्म करने की प्रक्रिया को तेज़ करते हैं.
कीड़े इस तरह मिट्टी में भी उर्वरकों का संचार करते हैं.


https://www.bbc.com/hindi/vert-fut-51222774
जीवाश्म आख़िर क्या है? आप ये सवाल किसी 12 बरस के बच्चे से पूछें, या किसी नौकरीपेशा वयस्क से. बहुत से ऐसे लोग हैं, जो इसे समझाने में मुश्किल महसूस करेंगे.
बहुत सी स्थानीय भाषाओं में विज्ञान से जुड़े शब्दों के लिए लफ़्ज़ नहीं होते.
दक्षिण अफ़्रीका की ज़बान ज़ुलू या आईज़ुलू को ही लीजिए. यहां बहुत से पढ़ने वाले बच्चों के लिए विज्ञान पढ़ना दोहरी चुनौती होती है. पहले तो उसे अंग्रेज़ी में समझें. फिर उसे अपनी मादरी ज़बान ज़ुलू में अनुवाद करें.
अक्सर होता ये है कि जीवाश्म जैसे वैज्ञानिक शब्द के लिए ज़ुलू भाषा में शब्द नहीं होते.
दक्षिण अफ़्रीका में क़रीब सवा करोड़ लोग ज़ुलू भाषा बोलते हैं. इन्हें बहुत से वैज्ञानिक विचारों पर चर्चा करने में दिक़्क़त होती है.

https://www.bbc.com/hindi/international-50983283

आज यक़ीन करना भले मुश्किल हो, लेकिन 1960 के दशक में एक दौर ऐसा भी था जब अमरीका में हर छह दिन में एक हवाई जहाज हाईजैक हो जाता था. एक रिपोर्ट के मुताबिक़ 50 साल पहले, राफेले मिनिचिलो नाम के शख़्स ने दुनिया का सबसे लंबे समय तक चले हाईजैकिंग को अंजाम दिया था जिसे एक हद तक आकर्षक भी कहा जा सकता है. उस विमान से यात्रा करने वाले लोग कभी उसे माफ़ कर पाए?



Plane icon

21 अगस्त, 1962

दक्षिणी इटली की पहाड़ियों यानी नेपल्स से उत्तर पूर्व में अचानक से ज़मीन हिलने लगी, लेकिन स्थानीय लोगों के लिए ये कोई अचरज नहीं हुआ क्योंकि ये भूकंप के लिहाज से यूरोप का सबसे संवेदनशील इलाका है और यहां के लोगों को इसकी आदत पड़ चुकी थी. शाम के शुरू होते ही आए इस भूकंप की तीव्रता रेक्टर स्केल पर 6.1 थी, जो डराने के लिए काफी था लेकिन इसके बाद आए दो तेज झटकों ने ज्यादा नुकसान किया था.
भूकंप के केंद्र से 20 किलोमीटर की दूरी और कुछ सौ मीटर उत्तर में मिनिचिलो का परिवार रहा था, तब राफेले की उम्र थी 12 साल. भूकंप के तीसरे झटके के बाद उनका गांव मिलिटो इरपिनो एकदम निर्जन हो चुका था. मिनिचिलो के परिवार के पास कुछ नहीं बचा था, राफेले ने बाद में याद किया कि अधिकारियों में से कोई मदद के लिए भी नहीं आया था.
नुक़सान इतना ज्यादा था कि पूरा का पूरा गांव को खाली करके फिर नए सिरे से बसाना पड़ा था. कई परिवार अपने गांव लौट आए थे लेकिन मिनिचिलो के परिवान ने बेहतर जीवन के लिए अमरीका जाना बेहतर समझा.
लेकिन राफेले मिनिचिलो ने अपने जीवन में युद्ध, आघात और कुख्याति ही हासिल की.




भारत के 'गुमशुदा 54 सैनिकों' का राज़



उन्हें, 'लापता 54' कहा जाता है. ये वो भारतीय सैनिक हैं, जो भारत और पाकिस्तान के बीच हुई जंगों के गुबार में भुला दिए गए.
इनके बारे में माना जाता है कि ये भारतीय सैनिक भारत के दुश्मन देश के उलटफेर भरे अशांत इतिहास के पन्नों में चुपचाप ही कहीं गुम हो गए.
भारत और पाकिस्तान ने कश्मीर के विवादित इलाक़े पर क़ब्ज़े को लेकर दो बार जंग लड़ी हैं. पहला युद्ध तो आज़ादी के फ़ौरन बाद 1947-48 में ही हुआ था, जबकि, दोनों देशों ने कश्मीर को लेकर दूसरी जंग 1965 में लड़ी थी.
इन युद्धों के बाद, 1971 में 13 दिनों की जंग में, भारत के हाथों पाकिस्तान की शर्मनाक शिकस्त हुई थी. जिसके बाद पूर्वी पाकिस्तान का बांग्लादेश के नाम से एक नए संप्रभु राष्ट्र के रूप में उदय हुआ था.
पूर्वी पाकिस्तान और पश्चिमी पाकिस्तान एक-दूसरे से क़रीब 1600 किलोमीटर या 990 मील से भी ज़्यादा दूर स्थित थे. जहां एक पश्चिम बंगाल और भारत के उत्तर पूर्वी राज्यों के बीच बसा था, वहीं दूसरा राजस्थान और गुजरात की सीमा से सटा था.


कोरोना वायरसः इंफ़ेक्शन से बचने के लिए क्या करें, क्या न करें


Monday, 27 January 2020

हैदराबाद रियासत

हैदराबाद रियासत



हैदराबाद : निज़ाम की इच्छा के बावजूद यह रियासत पाकिस्तान में क्यों नहीं जा पाई






अहीं हजी लखवानुं  चालु छे.



हैदराबाद रियासत का भारत में विलय हुआ था या एकीकरण?




अहीं हजी लखवानुं  चालु छे.






Saturday, 25 January 2020

क़यामत की सुबह

क़यामत की सुबह



1945 आते आते एक आम जापानी की ज़िंदगी बहुत मुश्किल हो चुकी थी दुकानों में अंडे, दूध, चाय और कॉफ़ी पूरी तरह से ग़ायब हो चुके थे. स्कूलों के मैदानों और घरों के बगीचों में सब्ज़ियाँ उगाई जा रही थीं. पेट्रोल भी आम लोगों की पहुंच से बाहर हो चुका था.
सड़कों पर एक भी निजी कार नहीं दौड़ रही थीं. हिरोशिमा की सड़कों पर हर तरफ़ साइकिलें, पैदल चलते लोग और सैनिक वाहन दिखाई देते थे.
6 अगस्त, 1945 को सुबह 7 बजे जापानी रडारों ने दक्षिण की ओर से आते अमरीकी विमानों को देख लिया. चेतावनी के सायरन बज उठे और पूरे जापान में रेडियो कार्यक्रम रोक दिए गए.
जापान में तब तक पेट्रोल की इतनी कमी हो चुकी थी कि उन विमानों को रोकने के लिए कोई जापानी विमान नहीं भेजा गया. आठ बजते बजते चेतावनी उठा ली गई और रेडियो कार्यक्रम फिर से शुरू हो गए.
8 बज कर 9 मिनट पर अमरीकी वायु सेना के कर्नल पॉल टिबेट्स ने अपने बी- 29 विमान 'एनोला गे' के इंटरकॉम पर घोषणा की, 'अपने गॉगल्स लगा लीजिए और उन्हें अपने माथे पर रखिए.

Wednesday, 22 January 2020

डेमोक्रेसी इंडेक्स - भारत 10 स्थान नीचे खिसका

डेमोक्रेसी इंडेक्स  -   भारत 10 स्थान नीचे खिसका


https://www.bbc.com/hindi/india-51205959








जानी-मानी अंतरराष्ट्रीय पत्रिका इकोनॉमिस्ट के सालाना 'डेमोक्रेसी इंडेक्स' में भारत 10 स्थान नीचे खिसक गया है.
ब्रिटेन का जाना-माना प्रकाशन समूह 'द इकोनॉमिस्ट ग्रुप' अपने रिसर्च विभाग 'द इंटेलिजेंस यूनिट' की मदद से हर वर्ष एक 'डेमोक्रेसी इंडेक्स' जारी करता है.
बुधवार को इस यूनिट ने 165 देशों के बारे में अपनी ताज़ा रिपोर्ट जारी की जिसके अनुसार भारत दस स्थान नीचे खिसक गया है.
भारत को 2019 के लिए सूचकांक में 51वें स्थान पर रखा गया है. इससे पहले के साल में भारत 41वें स्थान पर था.
रिपोर्ट में कहा गया है कि 'डेमोक्रेसी इंडेक्स में दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र, भारत के समग्र स्कोर में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है.

शून्य से 10 के पैमाने पर भारत का स्कोर 2018 में 7.23 से गिरकर 2019 में 6.90 हो गया और इसकी प्राथमिक वजह देश में नागरिक स्वतंत्रता में कटौती करना रहा'.
वर्ष 2019 के स्कोर की तुलना अगर पिछले वर्षों से करें, तो 2006 में रैंकिंग शुरू होने के बाद से यह सबसे कम स्कोर है.
इस रिपोर्ट में भारत की रैंकिंग गिरने और स्कोर घटने की वजह भी बताई गई है.
रिपोर्ट में कहा गया है कि 'भारत प्रशासित कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटाए जाने, असम में एनआरसी पर काम शुरू होने और फिर विवादित नागरिकता क़ानून, सीएए की वजह से नागरिकों में बढ़े असंतोष के कारण भारत के स्कोर में गिरावट दर्ज की गई'.

इस रिपोर्ट में भारत को एक ओर जहाँ 'राजनीतिक सहभागिता' के मामले में अच्छे नंबर मिले हैं, वहीं देश के मौजूदा 'राजनीतिक क्लचर' की वजह से कई नंबर कट भी गए हैं.
'द इंटैलिजेंस यूनिट' का कहना है कि वो सभी देशों के स्कोर का आंकलन वहाँ की चुनाव प्रक्रिया, बहुलतावाद, नागरिक स्वतंत्रता और सरकार के कामकाज के आधार पर करते हैं.
ताज़ा रिपोर्ट में कहा गया है कि 'साल 2019 लोकतंत्र के लिए सबसे ख़राब रहा. वैश्विक गिरावट मुख्य रूप से लैटिन अमरीकी, उप-सहारा अफ़्रीका और पश्चिम एशिया क्षेत्र में देखी गई. अधिकांश एशियाई देशों की रैंकिंग में 2019 में गिरावट देखी गई है'.
नई रिपोर्ट में नॉर्वे टॉप पर बना हुआ है. अमरीका इस रिपोर्ट में 25वें, ऑस्ट्रेलिया 9वें, जपान 24वें, इसराइल 28वें और ब्रिटेन 14वें पायदान पर है.
यदि भारत के पड़ोसी देशों की बात की जाए तो चीन 153वें, पाकिस्तान 108वें, नेपाल 92वें, बांग्लादेश 80वें और श्रीलंका 69वें नंबर पर है.


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