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Saturday, 1 February 2014

તંદુરસ્ત હરીફાઈ. જેમને જોડાવું હોય એમને નામ લખાવવા વીનંત્તી.

તંદુરસ્ત હરીફાઈ. જેમને જોડાવું હોય એમને નામ લખાવવા વીનંત્તી.

केजरीवाल ने नेताओं की जो सूची बताई वह इस प्रकार है (हालांकि बकौल खुद केजरीवाल यह सूची अभी पूरी नहीं हुई है। इसमें और नाम जोड़े जाने हैं। जैसे-जैसे नाम आएंगे सूची आगे बढ़ती जाएगी।)
1) राहुल गांधी
2) पी चिदंबरम
3) शरद पवार
4) सुशील कुमार शिंदे
5) वीरप्पा मोइली
6) सलमान खुर्शीद
7) कपिल सिब्बल
8) कमलनाथ
9) नितिन गडकरी
10) बी एस येदयुरप्पा
11) अनंत कुमार
12) अनुराग ठाकुर
13) मायावती
14) मुलायम सिंह यादव
15) फारुक अब्दुल्ला
16) जगन मोहन रेड्डी
17) सुरेश कलमाड़ी
18) श्रीप्रकाश जायसवाल
19) पवन बंसल
20) नवीन जिंदल

6 comments:

  1. ये तो सब जीवीत है. जो मर गये उन्होंने क्या गुना कीया है? शुरुआत करो..जैसे की बीजेपीका प्रमोद महाजन, शीवसेनाका बाल ठाकरे. कोंग्रेसकी यादी अलग बनानेका. शुरुआत करो मोतीलालसे.....

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  2. નાહકની માથાકુટ કરો છો?

    શું તમે ઓડિટર છો?

    તો વાંચો ફનીએસ્ટ ઓડિતરોનો અનુભવ અને ઓડિટરો ઉપરના જોક નીચેની બે લીન્ક ઉપર....


    http://www.askaboutvalidation.com/forum/showthread.php?465-World-s-Funniest-Audit-Experiences

    http://www.the-alternative-accountant.com/audit-jokes.html

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  3. NEW DELHI: The Supreme Court on Friday made it known to the West Bengal government that it would not rest till it got to the bottom of the gruesome incident in Birbhum district where a girl was raped by 13 persons on the village headman's order for falling in love.

    Appalled by the incident, the apex court had on January 24 taken suo motu notice of the incident and had ordered the Birbhum district judge to visit the village and send a report.

    Finding the report inadequate on crucial aspects - protection of the survivor and action taken against the alleged perpetrators — a bench of Chief Justice P Sathasivam and Justices Ranjan Gogoi and M Y Eqbal on Friday asked the state chief secretary to furnish a detailed action taken report within two weeks.

    The bench also requested additional solicitor general Sidharth Luthra to assist the court in the case.

    The report submitted to the SC by acting district judge Subradip Mitra, who visited the village along with chief judicial magistrate Rajesh Chakraborty, contained photographs of the place, interviews with the girl, her lover and other persons from the village.

    But it ended there without shedding light on why the police could not reach the spot, what steps were taken by the police and the administration to protect the girl and her family. The report was also silent about the action taken by the police against the perpetrators and the progress in investigation.

    Given the inadequacies in basic information, the bench headed by the CJI decided to send the district judge's report to the chief secretary and seek an action taken report from the Mamata Banerjee government that would now include the steps taken by the administration to protect the girl and her family.

    The bench asked the chief secretary to also "send a detailed report on action taken by the police after the incident" as well as the status of investigation within two weeks and posted the matter for hearing on February 14.

    The incident, which happened two weeks ago in Subalpur village in Birbhum district, was triggered by the anger of village elders towards the girl for falling in love with a man whom they did not approve of.

    A kangaroo court imposed a fine of Rs 50,000 on the girl's family. When it failed to pay up, the village headman ordered a crowd to rape her. Shockingly, 13 persons took advantage of the situation and gang-raped her. Police have arrested 14 persons, including the headman Bolai Murdy.

    TOI's report had recounted chilling details of the incident after talking to villagers. After the kangaroo court ordered her to be sexually ravaged, the woman was placed on a raised bamboo platform so that the rape could be seen by the entire village.

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  4. राजेश चौधरी, नई दिल्ली
    नैशनल ई-मेल पॉलिसी तैयार करने में देरी के मामले को हाई कोर्ट ने गंभीरता से लिया है, जिसने नाराजगी जताते हुए केंद्र सरकार को फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा कि उसके आदेश के बावजूद ई-मेल पॉलिसी तैयार करने में देरी हो रही है, यदि इसी तरह देरी की गई तो फिर एक्शन होगा। इससे पहले केंद्र सरकार की ओर से अडिशनल सॉलिसिटर जनरल राजीव मेहरा ने दलील दी कि इस मामले में सेक्रेटरीज की मीटिंग 3 हफ्ते में होगी।
    ब्यूरोक्रेट्स पर कमेंट्स : हाई कोर्ट ने इस पर कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आप इस काम के लिए इतना वक्त ले रहे हैं। हमें नहीं समझ में आ रहा कि आप सिर्फ पॉलिटिशियन पर ब्लेम क्यों करते हैं? आप अपने ब्यूरोक्रेट को देखें, ये कैसे एक कमिटी और फिर दूसरी कमिटी बनाते हैं। इस मामले में सरकार की ओर से जवाब देने के लिए कोई अधिकारी अगली सुनवाई के दौरान कोर्ट में पेश हो। कोर्ट ने सरकार से कहा है कि वह दो हफ्ते में ई-मेल पॉलिसी की तैयारी के बारे में बताए और अगली सुनवाई के लिए तारीख 19 फरवरी तय कर दी।
    डाटा आउट की आशंका : याचिकाकर्ता एन. गोविंदाचार्य के वकील विराग गुप्ता ने दलील दी है कि अधिकारियों के सरकारी काम के लिए जिन-जिन ई-मेल अकाउंट का इस्तेमाल किया जा रहा है, उससे सरकारी डाटा सर्वर के जरिये विदेश भेजा जा रहा है और यह पब्लिक रेकॉर्ड एक्ट का उल्लंघन है। याचिकाकर्ता ने गुहार लगाई थी कि जब तक नई ई-मेल नीति नहीं आ जाती, तब तक एनआईसी के जरिये ही सरकारी अधिकारियों को मेल का इस्तेमाल करना चाहिए, ताकि देश का संवेदनशील डाटा विदेश न पहुंच सके।
    महीने का था टाइम : पिछली सुनवाई के दौरान दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा था कि वह एक महीने के भीतर सरकारी अधिकारियों के लिए पब्लिक रेकॉर्ड एक्ट के तहत ई-मेल पॉलिसी तैयार करे, ताकि सर्वर के जरिये डाटा विदेश न जा सके। साथ ही सरकार से कहा था कि वह ई-मेल के जरिये शिकायत भेजने के लिए इलेक्ट्रॉनिक साइन की जरूरत के बारे में नॉटिफिकेशन जारी करे। केंद्र सरकार के वकील सुमित पुष्कर्णा ने अदालत को बताया था कि सरकारी अधिकारियों के लिए ई-मेल पॉलिसी बनाई जा रही है और इसके लिए तमाम मंत्रालय से संपर्क किया जा रहा है।
    कैबिनेट नोट है तैयार : इस सारी प्रक्रिया में दो महीने का वक्त लग सकता है। तब अक्टूबर में हाई कोर्ट ने कहा था कि वह उम्मीद करते हैं कि 4 हफ्ते में इस बारे में पॉलिसी सामने लाया जाएगा। उधर, सरकारी सूत्रों के मुताबिक नई ई-मेल पॉलिसी के बारे में कैबिनेट नोट तैयार कर ली गई है। नई पॉलिसी के फॉर्मेट तैयार करने के दौरान सुरक्षा के बारे में कुछ आशंका व्यक्त की गई थी। लेकिन अब उसे दूर किया जा चुका है और कैबिनेट में जल्दी ही इसे रखा जा सकता है।

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  5. याहू पर ईमेल खातों में सेंध

    Feb 1, 2014, 09.00AM IST

    याहू ने कहा है कि उसके ईमेल ग्राहकों के यूजर्स नेम और पासवर्ड चोरी हो गए हैं। हालांकि कंपनी ने यह नहीं बताया कि ऐसे खातों की तादाद कितनी है। रिसर्च कंपनी काम्स्कोर के मुताबिक जीमेल के बाद याहू दूसरी बडी ग्लोबल ईमेल सर्विस प्रोवाइडर है और इस पर लोगों ने 27.3 करोड ईमेल अकाउंट खोल रखे हैं जिनमें 8.1 करोड़ अमेरिकी खाते हैं।

    याहू इंक ने इस मामले में अपने एक ब्लॉग (नेट पर बयान) में कहा है कि हैकिंग के जरिए जो सूचनाएं लेने की कोशिश की गई उससे लगता है कि उन खातों से हाल में भेजे गए ईमेल व नामों को लक्ष्य किया गया है। कंपनी ने कहा कि इससे लगता है कि हैकर स्पैम संदेश भेजे के लिए अतिरिक्त ईमेल पते की तलाश में थे।

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