welcome હાર્દીક સ્વાગત Welcome

આ બ્લોગ ઉપર આવવા બદલ આપનું હાર્દીક સ્વાગત છે.

આ બ્લોગ ઉપર સામાન્ય રીતે ઉંઝા સમર્થક લખાંણ હોય છે જેમાં હ્રસ્વ ઉ અને દીર્ઘ ઈ નો વપરાશ હોય છે.

આપનો અભીપ્રાય અને કોમેન્ટ જરુર આપજો.



https://www.vkvora.in
email : vkvora2001@yahoo.co.in
Mobile : +91 98200 86813 (Mumbai)
https://www.instagram.com/vkvora/

Friday, 13 September 2019

वोटसएप उपर कच्छना वीवीध समाजोमां थता आत्महत्या बाबत नीयमीत समाचार आवे छे. जुओ बीबीसी शुं कहे छे.

Thursday, 12 September 2019

समाचारों की दुनिया की वो तस्वीरें जिन पर लोगों की नज़रें ठहरीं. BBC Hindi

अनुच्छेद 370 के हटाए जाने के एक महीने से ज़्यादा हो गए हैं लेकिन स्थितियां सामान्य नहीं हुई हैं. भारत प्रशासित कश्मीर के श्रीनगर में दो बच्चे कुछ इस तरह वीरान सड़कों पर साइकिल चलाते नज़र आए.




https://www.bbc.com/hindi/media-49634971




जब ख़त्म हुए डायनासोर, कैसा था पृथ्वी पर वो आख़िरी दिन?


https://www.bbc.com/hindi/science-49659036

Sunday, 8 September 2019

अफ़ग़ानिस्तानः ट्रंप ने तालिबान से समझौता रद्द किया

https://www.bbc.com/hindi/international-49624283


ट्रंप ने एक के बाद एक कई ट्वीट कर कहा है कि उन्हें रविवार को कैंप डेविड में तालिबान नेताओं और अफ़ग़ान राष्ट्रपति के साथ एक गुप्त बैठक में हिस्सा लेना था मगर अब इसे रद्द कर दिया गया है.
उन्होंने कहा कि काबुल में हुए कार बम धमाके के बाद यह क़दम उठाया जा रहा है जिसमें एक अमरीकी सैनिक समेत 12 लोगों की मौत हो गई थी. तालिबान ने इस हमले की ज़िम्मेदारी ली थी.
अफ़ग़ानिस्तान के लिए विशेष अमरीकी राजदूत ज़ल्मे ख़लीलज़ाद ने गत सोमवार को तालिबान के साथ 'सैद्धांतिक तौर' पर एक शांति समझौता होने का एलान किया था.
प्रस्तावित समझौते के तहत अमरीका अगले 20 हफ़्तों के भीतर अफ़ग़ानिस्तान से अपने 5,400 सैनिकों को वापस लेने वाला था.


Why is there a war in Afghanistan? The short, medium and long story


Wednesday, 4 September 2019

'मोदी सरकार की इस चूक से लगा अर्थव्यवस्था पर ब्रेक': नज़रिया

From  BBC  Hindi....




https://www.bbc.com/hindi/india-49552930



ध्यान दीजिए कि स्वदेशी का राग मोदी सत्ता ने बिल्कुल नहीं गाया. लेकिन चले आ रहे आर्थिक सुधार को भ्रष्ट्राचार के नज़रिये से ही परखा और एक-एक करके कमोबेश हर क्षेत्र को सरकारी नज़र के दायरे में इस तरह लाया गया जहां सरकार से नज़दीकी रखने पर ही लाभ मिलता.
साथ ही कॉरपोरेट पॉलिटिकल फ़ंडिंग सबसे ज़्यादा ना सिर्फ़ मोदी सत्ता के दौर में हुई बल्कि 90 फ़ीसदी बीजेपी को हुई. लेकिन वक्त के साथ सरकार सेलेक्टिव भी होती गई और जो प्रतिस्पर्धा निजी क्षेत्र में होनी चाहिए थी, वह सरकार की मदद से बढ़ती कंपनियों ने खत्म कर दी.
साथ ही सार्वजनिक क्षेत्र से प्रतिस्पर्धा करने वाली निजी कंपनियों को सरकार ने ही सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियो को ख़त्म करने की क़ीमत पर बढ़ाया. बीएसएनएल और जियो इसका बेहतरीन उदाहरण है.


क्यों दलितों और सवर्णों के बीच टकराव बढ़ने की आशंका है?

From  BBC Hindi....

जब कामकाजी दफ्तरों और शैक्षणिक संस्थानों में जातिगत आधार पर भेदभाव के मामले सामने आ रहे हैं, उसी समय में भारत के दलित युवा भेदभाव वाली परंपराओं को चुनौती भी दे रहे हैं.
इसी साल मई के महीने में गुजरात के राजकोट जिले के धोराजी इलाके में सामूहिक विवाह समारोह में 11 दलित दूल्हे शामिल थे. अपनी बारात में ये दलित लड़के घोड़ों पर बैठे हुए थे.
छोटे स्तर पर ही सही, लेकिन इस इलाके के लिए एक अहम बदलाव था क्योंकि अब तक यहां बारात में घोड़ों पर बैठने की परंपरा केवल सवर्णों में ही थी.
यही वजह है कि इस शादी समारोह को लेकर इलाके में जातिगत तनाव उत्पन्न हो गया था और इस आयोजन के दौरान पुलिस सुरक्षा मांगी गई थी.
इस सामूहिक विवाह के आयोजकों में शामिल योगेश भाषा ने बीबीसी को बताया कि दलित समुदाय यह बताना चाहता है कि वे अब किसी तरह का भेदभाव नहीं सहेंगे. योगेश के मुताबिक धारोजी इलाके के ज़्यादातर दलितों ने अच्छी शिक्षा हासिल की है.

मध्याह्न भोजन योजना यानी मिड डे मील शायद उन योजनाओं में सबसे ऊपर हो जो अक़्सर अपनी उपलब्धियों को लेकर नहीं बल्कि ख़ामियों और भ्रष्टाचार की वजह से चर्चित रहती है.
चाहे खाने की गुणवत्ता का सवाल हो, खाना बनाने में लापरवाही और भ्रष्टाचार का मामला हो या फिर खाना खाते समय छात्रों के साथ सामाजिक भेदभाव का, आए दिन ऐसी ख़बरें आती रहती हैं.
पिछले महीने बलिया ज़िले में कथित तौर पर दलित छात्रों को अलग खाना परोसने की ख़बर आई तो मिर्ज़ापुर में छात्रों को पौष्टिक भोजन के नाम पर सिर्फ़ नमक और रोटी खाने को दिया गया.
बलिया में तो ज़िलाधिकारी ने मौक़े पर पहुंचकर ख़बर को निराधार बताते हुए कुछ विरोधी नेताओं को ही आड़े हाथों लिया, वहीं मिर्ज़ापुर में अधिकारियों ने चार दिन बाद उसी पत्रकार के ख़िलाफ़ सरकारी काम में बाधा पहुंचाने का आरोप लगाते हुए क़ानूनी कठघरे में खड़ा कर दिया जिसने छात्रों को नमक रोटी देने की ख़बर दिखाई थी.











भारतीय अर्थव्यवस्था पाँच से नहीं, शून्य की दर से बढ़ रही- नज़रिया






क्या विनिवेश से भारत में बेरोज़गारी बढ़ने वाली है?





Saturday, 15 June 2019

गुजरातः घर से खींचकर दलित की चाकू से गोद कर हत्या

गुजरातः घर से खींचकर दलित की चाकू से गोद कर हत्या










बुधवार देर रात को थानगढ़ के मफ़तियापरा इलाके में ये घटना हुई, जिसमें प्रकाश को गंभीर चोट आई थी और उसे इलाज के लिए राजकोट ले जाया गया था, जहां इलाज के दौरान ही मौत हो गई.
प्रकाश के चाचा बाबूभाई परमार ने बीबीसी गुजराती से बातचीत में कहा कि 'प्रकाश और उनका परिवार अपने घर में बैठा था तभी वे लोग घर के बाहर आए और उन्होंने अपशब्द बोलना शुरू कर दिया.'
"वे लोग मुझे मारने के लिए आए थे, उन्होंने हमारी जाति को लेकर भला बुरा कहा. फिर वो मेरे भतीजे के बारे में पूछने लगे. इसकी वजह से लड़के डर गए और घर के अंदर चले गए."
वो बताते हैं, "तीन लोग मारने के लिए आए थे. उन्होंने हमें घर से खींच कर बाहर निकाला और चिल्लाने लगे कि बाबू परमार का घर बताओ. उनके हाथों में हथियार थे, जिनको देखकर लोग और डर गए और कहा कि उन्हें कुछ नहीं पता. इसके बाद उन्होंने प्रकाश को मार डाला."
बाबूभाई ने कहा, "मैं आम तौर पर उनके घर (प्रकाश के) पर जाकर बैठता हूं. लेकिन उस दिन मैं बाहर से आया था और थका था इसलिए वहां नहीं जा पाया."

Thursday, 13 June 2019

तेल टैंकरों पर धमाका, अमरीका ने कहा-ईरान जिम्मेदार

तेल टैंकरों पर धमाका, अमरीका ने कहा-ईरान जिम्मेदार





क़ासिम सुलेमानी की मौत




तीसरे विश्वयुद्ध के काले बादल


 https://www.bbc.com/hindi/international-50996529







आर्टिकल 370 और 35A



कश्मीर में चरमपंथी हमला: सीआरपीएफ़ के 5 जवानों की मौत, आज की बड़ी ख़बरें









जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल ने कहा, आर्टिकल 370 पर चिंता की बात नहीं - पांच बड़ी ख़बरें





Sunday, 24 March 2019

लोकसभा चुनाव 2019: गांधीनगर में बीजेपी को हराना इतना मुश्किल क्यों रॉक्सी गागेदकर छारा